देश AI को कैसे रेगुलेट करते हैं
अलग-अलग देश AI को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग तरीके चुन रहे हैं। यूरोपीय संघ (EU) रिस्क के स्तरों का उपयोग करता है; दूसरे देश मौजूदा कानूनों और खास नियमों पर अधिक भरोसा करते हैं। नियम लगातार बदल रहे हैं।
60 सेकंड में
देश AI को कैसे रेगुलेट करते हैं
अलग-अलग देश AI को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग तरीके चुन रहे हैं। यूरोपीय संघ (EU) रिस्क के स्तरों का उपयोग करता है; दूसरे देश मौजूदा कानूनों और खास नियमों पर अधिक भरोसा करते…
आखिर AI को रेगुलेट क्यों किया जाए?
- लोगों को नुकसान, अनुचित व्यवहार और प्राइवेसी के हनन से बचाने के लिए।
- कंपनियों को बड़े प्रभाव वाले सिस्टमों के बारे में समझाने और उनकी ज़िम्मेदारी लेने के लिए बाध्य करने के लिए।
- जनता का भरोसा बढ़ाने के लिए, ताकि काम के AI का सुरक्षित रूप से इस्तेमाल किया जा सके।
- मुकाबले को निष्पक्ष रखने और नए आविष्कारों (इनोवेशन) को बढ़ावा देने के लिए।
यूरोपीय संघ (EU): रिस्क के हिसाब से छांटना
| रिस्क का स्तर | बुनियादी विचार | इस्तेमाल के प्रकार के उदाहरण |
|---|---|---|
| अस्वीकार्य रिस्क (Unacceptable risk) | प्रतिबंधित (बैन) | कुछ हेरफेर करने वाले सिस्टम और कानून द्वारा प्रतिबंधित तरह की सोशल स्कोरिंग |
| ज़्यादा रिस्क (High risk) | सख्त शर्तों के साथ अनुमति, जैसे रिस्क मैनेजमेंट, डेटा क्वालिटी, दस्तावेज़ीकरण और इंसानी निगरानी | नौकरी पर रखने, शिक्षा, लोन देने और ज़रूरी सेवाओं में कुछ इस्तेमाल |
| सीमित रिस्क (Limited risk) | पारदर्शिता से जुड़ी ज़िम्मेदारियाँ | लोगों को बताना कि वे किसी चैटबॉट से बात कर रहे हैं; कुछ AI-जनरेटेड कंटेंट पर लेबल लगाना |
| न्यूनतम रिस्क (Minimal risk) | बहुत कम या कोई नए नियम नहीं | स्पैम फिल्टर, वीडियो गेम में AI |
मोटे तौर पर दूसरे देशों के तरीके
| स्थान | व्यापक तरीका (उच्च स्तर पर) |
|---|---|
| भारत | अब तक कोई एक संपूर्ण AI कानून नहीं है। सरकार मौजूदा कानूनों, जैसे IT Act और उसके नियमों तथा DPDP Act, के साथ-साथ सलाहों (advisories), दिशा-निर्देशों और AI क्षमता बढ़ाने वाले कार्यक्रमों पर भरोसा करती है। AI-जनरेटेड कंटेंट पर लेबल लगाने जैसे विषयों पर नियमों पर चर्चा हुई है। |
| अमेरिका | कोई एक संपूर्ण फेडरल (केंद्रीय) AI कानून नहीं है। एजेंसियों द्वारा लागू मौजूदा कानूनों, अलग-अलग सरकारों के साथ बदलते रहे कार्यकारी आदेशों और राज्यों के बढ़ते कानूनों का मिला-जुला रूप। |
| चीन | खास इस्तेमाल के लिए विशेष नियम, जैसे रेकमेंडेशन एल्गोरिदम, डीपफेक (डीप सिंथेसिस) और सार्वजनिक जनरेटिव AI सेवाएँ, जिनमें लेबलिंग और सुरक्षा समीक्षा जैसी शर्तें शामिल हैं। |
| अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर | साझा सिद्धांत, जैसे कि OECD और UNESCO के सिद्धांत, और वैश्विक शिखर सम्मेलन जहाँ देश AI सुरक्षा और सहयोग पर चर्चा करते हैं। |
- "देश X में कोई नियम नहीं हैं, इसलिए कुछ भी चल सकता है"
- "एक कानून AI की सभी समस्याओं को हल कर देगा"
- "रेगुलेशन हमेशा नए आविष्कारों (इनोवेशन) को खत्म कर देता है"
- प्राइवेसी, धोखाधड़ी, उपभोक्ता संरक्षण और भेदभाव से जुड़े मौजूदा कानून अक्सर अब भी लागू होते हैं
- नियम, मानक, कंपनियों के तौर-तरीके और जन-जागरूकता, ये सभी मिलकर काम करते हैं
- अच्छे नियम भरोसा बना सकते हैं; खराब नियम भ्रम पैदा कर सकते हैं — नियम कैसे बनाए गए हैं, यह बात मायने रखती है
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लैब
तीन AI इस्तेमाल के लिए एक रिस्क वर्गीकरण और छोटी नीतिगत तुलना।
समस्या
रोज़मर्रा की ज़िंदगी से AI के तीन इस्तेमाल चुनें (उदाहरण के लिए: फसल की बीमारी की पहचान, परीक्षा की निगरानी, एक कस्टमर-सर्विस चैटबॉट, एक लोन-मंज़ूरी टूल, एक फेस-रिकग्निशन गेट)।
- प्रत्येक के लिए, EU के चार-स्तरीय विचार का उपयोग करके उसका रिस्क स्तर तय करें और कारण बताएं।
- दो सुरक्षा उपाय बताएं जो आपके विचार से प्रत्येक में होने चाहिए (उदाहरण के लिए मानवीय समीक्षा, लेबलिंग, पक्षपात की जांच)।
- आधिकारिक या विश्वसनीय स्रोतों का उपयोग करके, दो-दो वाक्य लिखें कि भारत और कोई एक अन्य देश ऐसे इस्तेमाल के प्रति मोटे तौर पर क्या रुख अपनाते हैं। अपने स्रोतों और तारीख का उल्लेख करें।
- एक छोटा पैराग्राफ लिखें: आपको अपने देश के लिए कौन सा तरीका सबसे समझदारी भरा लगता है, और इसमें क्या नफ़ा-नुकसान (ट्रेड-ऑफ) है?
आपका काम तब पूरा होगा जब
कठिन सवाल
उत्तर देखने से पहले ख़ुद जवाब देने की कोशिश करें। अगर आप इनके जवाब दे सकते हैं, तो आप पाठ समझ गए हैं।
Q1कई रेगुलेटर खुद तकनीक के बजाय इस बात पर ध्यान क्यों देते हैं कि AI का इस्तेमाल कैसे किया जाता है?दिखाएं
क्योंकि एक ही मॉडल एक इस्तेमाल में हानिरहित हो सकता है और दूसरे में हानिकारक। कविताएँ लिखने वाला टेक्स्ट जनरेटर कम रिस्क वाला है; नौकरी के आवेदकों का मूल्यांकन करने वाला वही मॉडल लोगों की ज़िंदगी को प्रभावित कर सकता है। इस्तेमाल को रेगुलेट करने से नियम किसी सामान्य टूल के हर उपयोग को रोके बिना असली नुकसान को निशाना बना पाते हैं। चुनौती यह है कि जनरल-पर्पज मॉडलों का इस्तेमाल कई तरह से किया जा सकता है, यही वजह है कि कुछ नियम खुद मॉडलों को भी ध्यान में रखते हैं।
Q2जब अलग-अलग देशों में AI के नियम बहुत अलग होते हैं तो क्या समस्याएँ आ सकती हैं?दिखाएं
वैश्विक स्तर पर बेचने वाली कंपनियों को कई तरह के नियमों का पालन करना पड़ता है, जिससे लागत बढ़ जाती है, खासकर छोटी कंपनियों के लिए। कुछ कंपनियाँ कुछ बाज़ारों से बच सकती हैं या अलग-अलग वर्शन बना सकती हैं। देशों के बीच नियमों के अंतर के कारण जोखिम भरे इस्तेमाल कमज़ोर नियमों वाली जगहों पर जा सकते हैं। दूसरी ओर, अलग-अलग तरीकों से देशों को एक-दूसरे से सीखने का मौका मिलता है। साझा सिद्धांतों और मानकों पर अंतर्राष्ट्रीय सहयोग इस तालमेल की कठिनाई को कम करने में मदद करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या EU AI Act भारतीय कंपनियों पर लागू होता है?
मामले की बारीकियों के आधार पर, यह लागू हो सकता है अगर वे EU के बाज़ार में AI सिस्टम उतारते हैं या उनके सिस्टम के आउटपुट का इस्तेमाल EU में होता है। ऐसी स्थिति में कंपनियों को योग्य कानूनी सलाह लेनी चाहिए।
क्या भारत में कोई AI कानून है?
भारत ने अब तक कोई एक संपूर्ण AI कानून पारित नहीं किया है। AI के इस्तेमाल पर मौजूदा कानून अब भी लागू होते हैं, जिनमें इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट और उसके नियम तथा DPDP Act शामिल हैं, और सरकार ने एडवाइज़री और दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ताज़ा स्थिति जानने के लिए आधिकारिक सरकारी स्रोतों की जाँच करें।
सभी देश एक जैसे नियमों का इस्तेमाल क्यों नहीं करते?
अलग-अलग देशों की कानूनी प्रणालियाँ, मूल्य, आर्थिक लक्ष्य और सरकार की भूमिका को लेकर विचार अलग-अलग हैं। वे अंतर्राष्ट्रीय समूहों के ज़रिए सहयोग भी करते हैं, और कई देश सुरक्षा, निष्पक्षता और पारदर्शिता जैसे बुनियादी सिद्धांतों को साझा करते हैं।
यह कौन तय करता है कि कोई AI सिस्टम ज़्यादा रिस्क (हाई रिस्क) वाला है या नहीं?
EU के तरीके के तहत, कानून खुद हाई-रिस्क इस्तेमाल की श्रेणियों की सूची देता है, और कंपनियों को अपने सिस्टमों का उनके हिसाब से आकलन करना होता है, जिसकी निगरानी रेगुलेटर करते हैं। अन्य जगहें अलग तरीकों का इस्तेमाल करती हैं।
पाठ का टेस्ट
5 सवाल। पास होने और इस पाठ को पूरा करने के लिए 3 सही होने चाहिए (60%)।